Showing posts with label april. Show all posts
Showing posts with label april. Show all posts

Friday, April 18, 2008

अंगूर का अनार

बात है यह बहुत पुरानी
खा रही थी अंगूर एक रानी
बीज उसके गले में फँसता
यह देख कर भाई उसका बहुत हँसता
जितने भी अंगूर वह पाती
बीज निकाल कर ही खाती
बीज वह बगीचे में बोती
अंगूर होंगे खूब वह सोचती
बीते कई महीने-साल
अंगूर ना उगा पर उगा अनार

jalpari 3